Uttar Pradesh IAS Association

‘समर्थ’ आॅनलाइन साफ्टवेयर व कार्यप्रणाली

समर्थ

(आॅनलाइन साफ्टवेयर)

1- उद्देश्य: -

निर्माण कार्यों से जुडे़ श्रमिक वर्ग, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के सबसे संवेदनशील वर्गों में से एक है। इन श्रमिकों को मिलने वाली बुनियादी जरूरतें व कल्याण सुविधाएं अपर्याप्त हैं। उत्तर प्रदेश में निर्माण कार्यों से जुड़े असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के कल्याण और उनके उत्थान हेतु प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं से सीधे लाभाविन्त किए जाने तथा इन लाभकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के निर्बलतम वर्ग की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने तथा उनका सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान किए जाने हेतु ‘‘श्रम विभाग’’ में पंजीकृत कराकर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित ‘‘भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड’’ की कल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जाना शासन की प्राथमिकताओं मंे से एक है, परन्तु उत्तर प्रदेश के अधिकांश जनपदों के आंकड़ों का अध्ययन करने पर यह तथ्य प्रकाश में आया है, कि राज्य सरकार द्वारा प्राप्त उपकर-राशि, जो श्रमिकों के कल्याण हेतु व्यय होनी है, वह श्रमिकों की जागरूकता के अभाव में व्यय नहीं हो पा रही है।

जनपद शाहजहाँपुर में भी इसी प्रकार की परिस्थितियों के दृष्टिगत श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने तथा उनको सरकार द्वारा दी जाने वाली कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिए जाने हेतु ‘‘समर्थ’’ नामक आॅनलाइन साफ्टवेयर को विकसित किया गया।
2- ‘‘समर्थ’’ आॅनलाइन साफ्टवेयर व कार्यप्रणाली:-

जनपद शाहजहाँपुर में एन0आई0सी0 के माध्यम से समर्थ आॅनलाइन साफ्टवेयर की स्थापना की गई है, जिसके अंतर्गत पंजीकृत पात्र श्रमिकों को बोर्ड की योजनाओं के सबंध में समयबद्ध एस0एम0एस0एलर्ट के द्वारा सूचना दिये जाने और एकत्र किये जाने की प्रणाली विकसित की गई है, जिसके प्रथम चरण में समस्त पंजीकृत श्रमिकों के व्यक्तिगत विवरण एवं उनके मोबाइल नम्बर को कम्प्यूटर साफ्टवेयर में फीड किया गया है।

अगले चरण में प्रत्येक श्रमिक को एस0एम0एस0 के माध्यम से श्रम विभाग की योजनाओं के प्रति जागरूक किया जाएगा। यह साफ्टवेयर निम्नवत् दो प्रकार से कार्य करेगा:-
अ-यूजर इनपुट बेस्ड साफ्टवेयर कार्यप्रणाली:-

इस कार्यप्रणाली के अन्तर्गत लाभार्थी श्रमिक को योजनाओं तथा टोल-फ्री नं0 की जानकारी एस0एम0एस0 के माध्यम से दी जाएगी, तदोपरान्त् लाभार्थी श्रमिक स्वयं को पात्र पाते हुए उक्त टोल-फ्री नम्बर पर आई0वी0आर0एस0 काॅल के माध्यम से सम्बन्धित विकल्प को चुनेगा। साफ्टवेयर द्वारा इस प्रकार प्राप्त समस्त सूचनाओं को कम्प्यूटर मे दर्ज कर स्वतः लाभार्थियों की सूची तैयार कर दी जाएगी। उक्त सूची में प्राप्त पात्र लाभार्थियों को विभाग द्वारा योजना के लाभ हेतु समस्त औपचारिकताएं आदि पूर्ण कराए जाने हेतु कार्यालय बुलाया जाएगा, जहाँ लाभार्थी द्वारा प्रस्तुत किए गए आवेदन-पत्र का स्थलीय सत्यापन कराने के उपरान्त् अविलम्ब लाभान्वित कर दिया जाएगा। ऐसे समस्त पात्र लाभार्थी, जिनको एक सप्ताह के भीतर लाभ प्रदान नहीं हो सकेगा, साफ्टवेयर द्वारा ऐसे समस्त लम्बित लाभार्थियों की सूची प्रत्येक सोमवार को उच्चाधिकारियों को स्वतः प्रेषित कर दी जाएगी। इस प्रकार उच्चाधिकारियों द्वारा विभाग की योजनाओं का प्रभावी पर्यवेक्षण हो सकेगा।

ब- आॅटोमेटिक साफ्टवेयर कार्यप्रणाली:-

इस कार्यप्रणाली के अन्तर्गत साफ्टवेयर में पूर्व में दर्ज लाभार्थी, जो समयान्तर्गत योजनावार पात्र हो चुके हों, की सूची आॅटोमेटिक तैयार हो जाएगी। इस प्रकार लाभान्वित होने वाले श्रमिक को कोई काॅल करने अथवा कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी।

3- साफ्टवेयर की उपयोगिता:-

प्रदेश के श्रमिकों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न लाभकारी योजनाओं के प्रति इस साफ्टवेयर के माध्यम से जागरुक किया जा सकेगा, जिससे प्रत्येक पंजीकृत श्रमिक योजनाओं का वास्तविक लाभ प्राप्त कर सकेगा। इस साफ्टवेयर के क्रियान्वित हो जाने से श्रमिकों को बार-बार अपने कार्य को छोड़ कर कार्यालय नहीं आना पड़ेगा और उनको अपनी मजदूरी का नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा प्राप्त उपकर-राशि, जो श्रमिकों के कल्याण हेतु व्यय होनी है, वह श्रमिकों की जागरूकता के उपरान्त पूर्णरूप से व्यय हो सकेगी और इसका सीधा लाभ असंगठित क्षेत्र के प्रत्येक श्रमिक को प्राप्त हो सकेगा। इसके अतिरिक्त इस साफ्टवेयर के माध्यम से जनपद के उच्चाधिकारी भी श्रम विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का सफल पर्यवेक्षण कर सकेंगे। इस प्रकार श्रम विभाग का कुशल एवं प्रभावी प्रबंधन सम्भव हो सकेगा।

4- इण्टरनेट पर उपलब्धता:-

इण्टरनेट पर ’’समर्थ’’ आॅन लाइन साफ्टवेयर के सम्बन्ध में अधिक जानकारी करने प्राप्त करने हेतु www.esamarth.in पर लिंक किया जा सकता है।

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